जाबिर बिन हय्यान: इस्लामी सुनहरे दौर के एक महान वैज्ञानिक
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परिचय
जाबिर बिन हय्यान, जिन्हें गेबेर (Geber) के नाम से भी जाना जाता है, इस्लामी स्वर्ण युग के एक प्रमुख वैज्ञानिक, रसायनज्ञ, और चिकित्सक थे। उनका जन्म 721 ईस्वी में तूस, खुरासान (आधुनिक ईरान) में हुआ था और उनका निधन 815 ईस्वी में कुफा, इराक में हुआ। जाबिर बिन हय्यान को रसायन विज्ञान के संस्थापक के रूप में माना जाता है और उनके योगदान ने पुरी दुनिया में एक नई दिशा प्रदान की।
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प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जाबिर का जन्म एक शिक्षित और समृद्ध परिवार में हुआ था। उनके पिता, हय्यान अल-अजदी, एक औषधि विक्रेता और चिकित्सक थे। उन्होंने जाबिर को प्रारंभिक शिक्षा दी और औषधियों के बारे में बुनियादी जानकारी सिखाई। जब जाबिर छोटे थे, उनके पिता को अब्बासी खलीफा द्वारा राजनीतिक विरोध के कारण फांसी दे दी गई। इसके बाद, उनका परिवार तूस से कुफा चला गया।
कुफा में, जाबिर ने विभिन्न विषयों में शिक्षा प्राप्त की, जिसमें इस्लामी विज्ञान, गणित, खगोलशास्त्र, और चिकित्सा शामिल थे। उनके प्रमुख शिक्षक जाफर अल-सादिक थे, जो इस्लामी और वैज्ञानिक ज्ञान में मुफरिद थे। जाफर अल-सादिक के मार्गदर्शन में, जाबिर ने रसायन विज्ञान और दर्शनशास्त्र में गहरी समझ विकसित की।
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Jabir ibn Hayyan के योगदान
जाबिर बिन हय्यान के योगदान व्यापक और विविध थे। उन्होंने कई रासायनिक प्रक्रियाओं का विवरण दिया, नए उपकरणों का आविष्कार किया, और रसायन विज्ञान के सिद्धांतों को स्थापित किया। उनके कुछ प्रमुख योगदान निम्नलिखित हैं:
1. रासायनिक उपकरण
जाबिर ने कई रासायनिक उपकरणों का आविष्कार और उपयोग किया, जिनमें एम्बिक (Alembic), रिटोर्ट (Retort), और फ़िल्टरिंग उपकरण शामिल हैं। इन उपकरणों का उपयोग द्रवों के आसवन और शुद्धिकरण के लिए किया जाता है।
एम्बिक (Alembic) एम्बिक एक उपकरण है जिसका उपयोग द्रवों के आसवन के लिए किया जाता है। यह दो मुख्य भागों से बना होता है: एक बेसिन या बर्तन जिसमें द्रव को गरम किया जाता है, और एक कंडेंसर जो वाष्प को वापस द्रव में परिवर्तित करता है। जाबिर ने एम्बिक को विकसित किया और इसका उपयोग विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं में किया।
रिटोर्ट (Retort) रिटोर्ट एक सीलबंद बर्तन होता है जिसमें द्रव को गरम किया जाता है और वाष्प को एक ट्यूब के माध्यम से संग्रहित किया जाता है। यह उपकरण रासायनिक यौगिकों के पृथक्करण और शुद्धिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
फ़िल्टरिंग उपकरण जाबिर ने विभिन्न प्रकार के फ़िल्टरिंग उपकरणों का आविष्कार किया, जो ठोस और द्रव मिश्रणों को अलग करने के लिए उपयोगी हैं। ये उपकरण आज भी रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. अम्ल और क्षार
जाबिर बिन हय्यान ने विभिन्न अम्लों और क्षारों का उत्पादन और अध्ययन किया। उन्होंने सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, और हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे कई महत्वपूर्ण अम्लों का विवरण दिया। उनके कार्यों ने इन अम्लों के उपयोग को समझने और उन्हें बनाने की विधियों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सल्फ्यूरिक एसिड: सल्फ्यूरिक एसिड, जिसे “तेल का विट्रियोल” भी कहा जाता है, जाबिर के कार्यों में से एक प्रमुख खोज थी। उन्होंने इसका उत्पादन और उपयोग विभिन्न रासायनिक प्रतिक्रियाओं में किया।
नाइट्रिक एसिड: जाबिर ने नाइट्रिक एसिड का भी उत्पादन किया और इसके उपयोग को विभिन्न धातुओं के संशोधन और शुद्धिकरण में किया। नाइट्रिक एसिड का उपयोग आज भी महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है।
हाइड्रोक्लोरिक एसिड: जाबिर ने हाइड्रोक्लोरिक एसिड का विवरण दिया और इसके उपयोग को विभिन्न रासायनिक प्रक्रियाओं में किया। यह अम्ल रसायन विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण यौगिक है।
3. रासायनिक सिद्धांत
जाबिर ने रासायनिक प्रक्रियाओं के सिद्धांतों को विकसित किया और उन्हें स्पष्ट रूप से समझाया। उन्होंने रासायनिक प्रतिक्रियाओं के संतुलन और तत्वों के गुणों के बारे में महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रस्तुत किए। उनके कार्यों में तत्वों की परिभाषा और उनके गुणों का विवरण शामिल है।
तत्वों की परिभाषा: जाबिर ने तत्वों को उनके गुणों के आधार पर परिभाषित किया और उन्हें वर्गीकृत किया। उन्होंने कहा कि तत्व चार बुनियादी गुणों से मिलकर बने होते हैं: गर्म, ठंडा, गीला, और सूखा। उनके अनुसार, विभिन्न तत्वों का संयोजन और प्रतिक्रिया इन गुणों के आधार पर होती है।
रासायनिक प्रतिक्रियाओं का संतुलन: जाबिर ने रासायनिक प्रतिक्रियाओं के संतुलन के सिद्धांत को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि एक रासायनिक प्रतिक्रिया तब तक होती है जब तक सभी प्रतिक्रिया तत्व एक संतुलित अवस्था में नहीं पहुँच जाते। यह सिद्धांत आज भी रसायन विज्ञान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. औषधि निर्माण
जाबिर ने औषधि निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विभिन्न औषधियों और उनके निर्माण की विधियों का विवरण दिया, जो चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उनके कार्यों ने चिकित्सा विज्ञान को भी गहरा प्रभाव डाला।
औषधियों का वर्गीकरण: जाबिर ने औषधियों को उनके गुणों और प्रभावों के आधार पर वर्गीकृत किया। उन्होंने विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए औषधियों के निर्माण और उपयोग के तरीकों का विवरण दिया।
औषधि निर्माण की विधियाँ: जाबिर ने औषधियों के निर्माण की विभिन्न विधियों का विकास किया। उन्होंने औषधियों के निष्कर्षण, शुद्धिकरण, और संयोजन की तकनीकों का वर्णन किया। उनके कार्यों ने चिकित्सा विज्ञान को उन्नत किया और आज भी उनके सिद्धांतों का उपयोग किया जाता है।
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इस्लाम और धार्मिक जीवन
जाबिर बिन हय्यान एक समर्पित मुस्लिम थे और उनका जीवन इस्लामी सिद्धांतों और मान्यताओं पर आधारित था। उन्होंने अपने वैज्ञानिक कार्यों को इस्लाम के साथ संतुलित रखा और धार्मिक शिक्षा को भी महत्व दिया। उनके धार्मिक जीवन के कुछ प्रमुख पहलू निम्नलिखित हैं:
1. इस्लामी शिक्षा: जाबिर ने इस्लामी शिक्षा और धार्मिक सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने कुरआन और हदीस का अध्ययन किया और अपने धार्मिक ज्ञान को विज्ञान के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया। उनके कार्यों में इस्लामी सिद्धांतों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया गया है।
2. नैतिकता और विज्ञान: जाबिर ने विज्ञान को नैतिकता और धार्मिकता के साथ जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान और नैतिकता एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अपने वैज्ञानिक अनुसंधानों को नैतिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किया।
3. धार्मिक समुदाय के साथ जुड़ाव: जाबिर बिन हय्यान ने धार्मिक समुदाय के साथ अपने संबंधों को मजबूत रखा। उन्होंने धार्मिक समारोहों और इस्लामी सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भाग लिया। उनके धार्मिक जीवन और वैज्ञानिक कार्यों का संगम उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
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महत्वपूर्ण रचनाएँ
जाबिर बिन हय्यान ने कई महत्वपूर्ण ग्रंथ लिखे, जिनमें से कुछ प्रमुख रचनाएँ निम्नलिखित हैं:
1. किताब अल-किमिया (The Book of Chemistry) यह पुस्तक रसायन विज्ञान के सिद्धांतों और प्रक्रियाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें रासायनिक उपकरणों, अम्लों, क्षारों, और अन्य रासायनिक यौगिकों का वर्णन किया गया है।
2. किताब अल-जब्र वाल-मुकाबला (The Book of Algebra and Balancing) इस पुस्तक में गणित और रासायनिक संतुलन के सिद्धांतों का विवरण दिया गया है। यह पुस्तक रसायन विज्ञान और गणित के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।
3. किताब अल-तज्मीअ (The Book of Compilation) यह पुस्तक विभिन्न रासायनिक यौगिकों और उनकी निर्माण विधियों का वर्णन करती है। इसमें औषधियों और अन्य रासायनिक उत्पादों की निर्माण विधियाँ भी शामिल हैं।
4. किताब-अल-ज़ुहर (The Book of Poisons) इस पुस्तक में विभिन्न विषाक्त यौगिकों और उनके प्रभावों का विवरण दिया गया है। यह पुस्तक विष विज्ञान के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण है।
5. किताब अल-रहमा (The Book of Mercy) इस पुस्तक में चिकित्सा विज्ञान और औषधियों का वर्णन किया गया है। इसमें विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए औषधियों के निर्माण और उपयोग की विधियाँ शामिल हैं।
6. किताब अल-मिजान (The Book of Balance) यह पुस्तक रासायनिक प्रतिक्रियाओं के संतुलन और तत्वों के गुणों के बारे में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करती है। इसमें रासायनिक संतुलन के सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया गया है।
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Jabir ibn Hayyan का प्रभाव
जाबिर बिन हय्यान के योगदान ने रसायन विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्रों में क्रांति ला दी। उनके सिद्धांत और विधियाँ इस्लामी स्वर्ण युग में विज्ञान के विकास के लिए महत्वपूर्ण थे। उनके कार्यों का प्रभाव न केवल इस्लामी वैज्ञानिकों पर, बल्कि बाद के यूरोपीय वैज्ञानिकों पर भी पड़ा, जिसका इस्तेमाल आज भी होता है।
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इस्लामी स्वर्ण युग में प्रभाव
जाबिर बिन हय्यान के कार्यों ने इस्लामी स्वर्ण युग में विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सिद्धांतों और विधियों ने इस्लामी वैज्ञानिकों को रसायन विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में नई खोजें करने के लिए प्रेरित किया।
यूरोपीय पुनर्जागरण पर प्रभाव
जाबिर बिन हय्यान के कार्यों का प्रभाव यूरोपीय पुनर्जागरण के दौरान भी देखा गया। उनके ग्रंथों का लैटिन भाषा में अनुवाद किया गया और यूरोपीय वैज्ञानिकों ने उनके सिद्धांतों और विधियों का अध्ययन किया। उनके योगदान ने यूरोप में रसायन विज्ञान और चिकित्सा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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निष्कर्ष
जाबिर बिन हय्यान एक महान वैज्ञानिक, रसायनज्ञ, और इस्लामी विद्वान थे। उनके योगदान ने रसायन विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्रों में क्रांति ला दी। उन्होंने विज्ञान और धर्म को एक साथ जोड़कर एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उनके कार्यों और सिद्धांतों ने विज्ञान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान की और आज भी उनके योगदान को सम्मानित किया जाता है।
जाबिर बिन हय्यान का जीवन और उनके कार्य हमें सिखाते हैं कि विज्ञान और धर्म एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं और दोनों का संतुलित विकास समाज के लिए लाभकारी हो सकता है। उनके योगदान ने उन्हें इतिहास में एक महान वैज्ञानिक और इस्लामी विद्वान के रूप में स्थापित किया है।
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hazrat adam date of birth in islam
शब-ए-मेराज इस्लाम में एक पवित्र रात मानी जाती है,
इस रात में इबादत करने, नफ्ल नमाज़ पढ़ने और अल्लाह से दुआ करने की विशेष फज़ीलत है।
Shab e Barat ki Namaz || Shab e Qadr Ki Namaz
इस्लामी इतिहास में शब-ए-मेराज एक बहुत ही अहम और रहस्यमयी घटना है, जिसमें पैगंबर मुहम्मद (ﷺ) को जन्नत की यात्रा कराई गई थी। यह घटना हिजरी कैलेंडर के रजब महीने की 27वीं रात को हुई थी और इसे इस्लाम में बहुत पवित्र माना जाता है। इस रात पैगंबर (ﷺ) को मक्का से बैतुल मुकद्दस (अल-अक्सा मस्जिद) और फिर सातों आसमानों से होते हुए अल्लाह तक पहुंचाया गया।
Shab e Barat Kya hai || Shab e Meraj
जो नौजवान शादी करना चाहते हैं पर समझ नहीं पाते किस प्रकार की लड़की से शादी की जाए? चुनाव किस आधार पर हो? तरीका क्या हो? खुद किस काबिल हैं? वगैरह।
Shadi Karna Chahte hain? To ye Zaroor Padhen
कुंडों की फातिहा हज़रत इमाम जाफर सादिक़ रहमतुल्लाह अलैह के इसाल-ए-सवाब के लिए की जाने वाली एक रूहानी और नेक रवायत है, जो भारत और पाकिस्तान के मुसलमानों के बीच अकीदत के साथ प्रचलित है। इस लेख में न केवल इस अमल की हकीकत और दलाइल को बयान किया जाएगा, बल्कि हज़रत इमाम जाफर सादिक़ रहमतुल्लाह अलैह की शख्सियत, उनकी खिदमात, और कुंडों की फातिहा से उनके ताल्लुक को भी स्पष्ट किया जाएगा।
kunde ki niyaz kyu karte hai
इज़राइल के इब्रानी टेलीविज़न कान 11 (KAN 11) के अनुसार, गाज़ा प्रतिरोधकारों ने शांति समझौते का जवाब कतर के माध्यम से इज़राइल को भेजा है।
Gaza peace agreement 2025
تاریخ کا ایک روشن باب تاریک شب ہے۔ غیر ملکی ایوان میں لوگوں کا رش لگا ہوا ہے، بہت اہم مسئلہ پر بحث ہورہی ہے، سب کے سب غیر_مسلم ہیں، بڑے بڑے بادشاہ، وزراء، فلاسفر، حکماء اور دانش ور جمع ہیں۔ روضہ اطہر کے خلاف انتہائی بھیانک اور خوف ناک منصوبہ بنارہے ہیں۔ یہ 557ھ … Read more
अंधेरी रात है। विदेशी सभा में लोगों की भीड़ लगी हुई है। बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा हो रही है। सभी गैर-मुस्लिम हैं। बड़े-बड़े राजा, मंत्री, दार्शनिक, हकीम और बुद्धिजीवी इकट्ठे हुए हैं। जो रौज़ा-ए-अथहर के खिलाफ अत्यंत भयानक और डरावनी योजना बना रहे हैं।
roza e rasool ke chaaro taraf diwaaren kyu hain
वह अंडलुस का विजेता था। एक महान योद्धा सेनापति। लेकिन इतिहास ने उसे दमिश्क की मस्जिद के सामने भीख मांगते भी देखा। जिसे दुश्मन युद्धों में नहीं हरा सके, उसे अपनों ने भिखारी बना दिया।
A Warrior, Forced to Beg From his Own People Hindi
وہ فاتح اندلس تھا ۔ ایک عظیم جنگجو سالار لیکن تاریخ نے اسے دمشق کی مسجد کے سامنے بھیک مانگتے بھی دیکھاجسے دشمن جنگوں میں نہ ہرا سکے اسے اپنوں نے بھکاری بنادیا
A Warrior, Forced to Beg From his Own People Urdu
हैकल-ए-सुलेमानी दरअसल एक मस्जिद या उपासना स्थल था, जो हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के हुक्म से जिन्नों से तामीर करवाया था ताकि लोग उसकी तरफ़ रुख़ करके या उसके अंदर इबादत करें।
Jewish connection to the Temple of Solomon in Hindi
ہیکل سلیمانی درحقیقت ایک مسجد یا عبادت گاہ تھی۔ جو حضرت سلیمان علیہ السلام نے اللہ کے حکم سے جنات سے تعمیر کروائی تھی تاکہ لوگ اس کی طرف منہ کرکے یا اس کے اندر عبادت کریں۔
सबसे पहले हज़रत सैय्यदा ख़दीजा रज़ियल्लाहु अन्हा ईमान लेकर आईं, उनके बाद सबसे पहले ईमान लाने वाले शख़्स हज़रत अबू बक्र रज़ियल्लाहु अन्हु थे। वह आपके क़रीबी दोस्त थे। उन्होंने आपकी ज़ुबान से नबूवत का ज़िक्र सुनते ही तुरंत तस्दीक़ की और ईमान ले आए।
बच्चों में सबसे पहले ईमान लाने वाले हज़रत अली रज़ियल्लाहु अन्हु थे।
Sabse Pehle Iman Lane wale
Prophet Muhammad History in Hindi Qist 13
सीडियाना जेल, जो शाम के शहर दमिश्क के नज़दीक वाक़े है, दुनिया की सबसे सख्त और बदनाम जेलों में से एक मानी जाती है। इस जेल में कैदियों को बेहद सख्त हालात में रखा जाता था, जहां कई कैदियों ने दशकों तक सूरज की रोशनी नहीं देखी और बाहर की हवा को भी महसूस नहीं किया।
Story of prisoners of Sednaya prison in Syria Hindi
صیدیانہ جیل، جو شام کے شہر دمشق کے نزدیک واقع ہے، دنیا کی سب سے سخت اور بدنام جیلوں میں سے ایک مانی جاتی ہے۔ اس جیل میں قیدیوں کو انتہائی سخت حالات میں رکھا جاتا تھا، جہاں کئی قیدیوں نے دہائیوں تک سورج کی روشنی نہیں دیکھی اور باہر کی آب و ہوا کو بھی محسوس نہیں کیا۔
Story of prisoners of Sednaya prison in Syria Urdu
दमिश्क: बानो उमैय्या का दारुलख़िलाफ़ा रहने वाला वह क़दीम शहर जिसने कई ख़ुलफ़ा और बादशाहों का उरूज और ज़वाल देखा।
शाम जिसने अल्लाह की तलवार ख़ालिद बिन वलीद रज़ियल्लाहु अन्हु की सिपहसालारी देखी।
जिसकी ज़मीन पर अपने ज़माने के बेहतरीन लोगों के क़दमों के निशानात हैं।
जहाँ साए सलाहुद्दीन अय्यूबी उठा था जिनकी इज़्ज़त यूरोप में भी की जाती है।
History of Syria in Hindi
دمشق: بنو اُمیہ کا دارالخلافہ رہنے والا وہ قدیم شہر جس نے کئی خلفا اور بادشاہوں کا عروج و زوال دیکھا
شام جس نے اللہ کی تلوار خالد بن ولید رضی اللہ عنہ کی سپہ سالاری دیکھی
جس کی زمین پر اپنے زمانے کے بہترین لوگوں کے قدموں کے نشانات ہیں
جہاں سآے صلاح الدین ایوبی اٹھا تھا جن کی عزت یورپ میں بھی کی جاتی ہے
History of Syria in Urdu
मुल्क ए शाम (Syria) से संबंधित एक-एक करके हदीसें पूरी हो रही हैं। कहा जाता है कि जब फितने फैलेंगे तो शाम में अमन होगा। शाम को आख़िरी ज़माने में मुसलमानों का हेडक्वार्टर कहा गया। इस ब्लॉग में हदीसों की रोशनी में शाम की अहमियत और फज़ीलत से संबंधित पूरी जानकारी है, जिससे आपको मौजूदा स्थिति (December 2024) को समझने में आसानी होगी।
Importance of Syria in the light of Hadiths
यह सुनकर हज्जाज का चेहरा गुस्से से लाल हो गया और उसने सईद को मारने का हुक्म दे दिया। जब हज़रत सईद को दरबार से बाहर ले जाया जा रहा था, तो वह मुस्कुरा दिए।
हज्जाज बिन यूसुफ की दर्दनाक मौत
Installing the Black Stone ( Prophet Muhammad History in Hindi ) ┈┉┅❀🍃🌸🍃❀┅┉┈Seerat e Mustafa Qist 11 ┈┉┅❀🍃🌸🍃❀┅┉┈ काबे की चौथी तामीर जब आप ﷺ की उम्र 35 साल हुई, मक्का में जबरदस्त बाढ़ आई। क़ुरैश ने बाढ़ से बचने के लिए एक बाँध बनाया था। यह बाढ़ इतनी ज़बरदस्त थी कि बाँध तोड़कर काबे में … Read more
उन्होंने एक ख़ातून नफीसाह बिन्त मुनिया को आपकी ख़िदमत में भेजा। उन्होंने आकर आपसे कहा कि अगर कोई दौलतमंद और पाकबाज़ ख़ातून खुद आपको निकाह की पेशकश करे तो क्या आप मान लेंगे?
huzur ka hazrat khadeeja se nikah (prophet muhammad history in hindi qist 10)
इस्लाम में स्त्री पुरुष की गुलाम नहीं है स्त्री को पुरुष की कनीज (दासी) नहीं माना गया है, जैसा कि कुछ अन्य धर्मों में होता है। बल्कि, वह पुरुष की साथी, सहचरी, और उसकी सच्ची मित्र है। कुरआन व हदीस में महिलाओं के अधिकार
women’s rights in islam
जब भी आप ﷺ मैदान-ए-जंग में पहुंचते, तो बनी किनाना को जीत मिलती और जब आप वहाँ न होते, तो उन्हें शिकस्त होने लगती। आपने इस जंग में सिर्फ़ इतना हिस्सा लिया कि अपने चाचाओं को तीर पकड़ाते रहे और बस।
prophet muhammad history
Prophet Muhammad ﷺ History in Hindi Qist 8 ┈┉┅❀🍃🌸🍃❀┅┉┈Seerat e Mustafa Qist 8 ┈┉┅❀🍃🌸🍃❀┅┉┈ आपको क़ाफ़िले के साथ इसलिए नहीं ले जाया गया था क्योंकि आप कम उम्र थे। आप वहीं पेड़ के नीचे बैठ गए। उधर बहीरा ने लोगों को देखा और उनमें से किसी में उसे वह गुण नजर नहीं आया जो आखिरी … Read more